Important Information for filling GST annual return (GSTR-9) जीएसटी मे वार्षिक रिर्टन भरने हेतु महत्वपूर्ण जानकारी

नमस्कार दोस्तो आज हम आपको GST Annual Return वार्षिक रिर्टन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। साथ ही प्रत्येक कॉलम क्या पूछता है, क्या भरना होता होगा, और कैसे सही भरे यह भी बताएंगे।

How to file GST Annual Return?

जीएसटी मे वार्षिक रिर्टन भरना उन व्यापारियो को आवश्यक है, जिनकी खरीद-बिक्री मे कोई अन्तर है या बदलाव करना चाहते है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन करदाताओ का वार्षिक टर्नओवर 2 करोड़ से कम है, उनके लिए GSTR-9 रिटर्न फाइल करने की अनिवार्यता नही है। वैसे तो बात करते है किसी व्यापारी ने अपनी जीएसटी रिर्टन ढंग से नही भरी है, जिनकी वजह से बहुत सी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा किसी व्यक्ति को जीएसटी कानून की पूर्ण जानकारी नही है कि कैसे क्या करना सही होगा । इसी कारण जीएसटी मे वार्षिक रिर्टन भरना थोड़ा मुशक्किले सभी को आ रही है । इसीलिए हम आपको GST Annual Return से संबंधित पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से देंगे।

आज हम इस लेख के माध्यम से आप सभी को जीएसटी annual return से सम्बन्धित सभी लीगन बिन्दुओ पर बात करेंगे। हम सभी जानते है। वर्ष 2019-20 की वार्षिक विवरणी दाखिल करने का समय 28 फरवरी थी, लेकिन जीएसटी काउन्सिल व्दारा व्यापारियों की समस्याओ को ध्यान मे रखते हुये वार्षिक विवरणी दाखिल करने का समय 31 मार्च कर दी गयी है। आज हम GST मे वार्षिक रिर्टन किस तरह से और सही ढंग से भरे। इस बारे मे आपको बताने जा रहे है ।

Latest Notification of GST Annual Return

जीएसटी में Annual Return दाखिल करने वाले करदाताओं को ध्यान में रखते हुए, जीएसटी काउंसिल ने अक्टूबर माह में अधिसूचना सं 79/2020 निम्न स्पष्टीकरण/संशोधन लागू किए है-

1. जीएसटी में वार्षिक रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को GSTR-9 के कॉलम 8(C) में ऐसी इनवर्ड सप्लाई जो वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त की गई है, लेकिन जिस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट अगले वित्तीय वर्ष की निर्धारित अवधि तक क्लेम किया है, उस इनपुट टैक्स क्रेडिट को प्रस्तुत करना होगा।

2. GSTR-9 के पार्ट- V में ऐसी जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, जो वित्तीय वर्ष से संबंधित है, लेकिन जिसे अगले वित्तीय वर्ष की निर्धारित अवधि यानि सितंबर 2020 माह की रिटर्न प्रस्तुत करने की तिथि तक प्रस्तुत किया गया हो, इसमें सप्लाई की राशि, रिवर्स की गई आईटीसी की राशि, प्राप्त की गई आईटीसी की राशि को प्रस्तुत किया जाना होगा। साथ ही यदि कोई अंतर, कर में है, तो उपरोक्त रिटर्न में जमा कराया जा सकता है, और उसे भी यहां प्रस्तुत करना होगा।

GST में वार्षिक रिटर्न के संशोधित नियम के अनुसार निर्देश-

GSTR-9 वार्षिक विवरणी में जीएसटी कानून में बदलाव के पश्चात् निर्देश दिए गए है, वह वर्ष 2019-2020 के लिये कुछ संसोधन किये गये है, जो निम्नप्रकार है-

01. जीएसटी मे वार्षिक रिर्टन GSTR-9 मे संसोधन करने के पश्चात् कॉलम नं0 4, 5, 6 एवंम् 7 मे केवल वित्तीय वर्ष से सम्बन्धित जानकारी ही प्रस्तुत करनी है। पिछले वित्तीय वर्ष से सम्बन्धित कोई जानकारी प्रस्तत नही करनी है। कॉलम नं0 4, 5, 6 एवंम् 7 क्या भरना है वह निम्नप्रकार है-

कॉलम सं04- वित्तीय वर्ष के दौरान एडवांस प्राप्त राशि, इनवर्ड एवंम् आउटवर्ड सप्लाई जिस पर टैक्स का भुगतान किया गया है, वह भरना होगा।

कॉलम सं05- वित्तीय वर्ष के दौरान आउटवर्ड सप्लाई जिस पर टैक्स का भुगतान नही किया गया है, वह भरना होगा।

कॉलम सं06- वित्तीय वर्ष के दौरान क्लेम की गयी इनपुट टैक्स क्रेडिट, भरना होगा, कॉलम 6 मे ।

कॉलम सं07- वित्तीय वर्ष के दौरान रिवर्स की गयी, एवंम् आयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट भरना होगा।

2- जीएसटी मे बदलाव किये गये निर्देश सं0 4 मे संसोधन कर वर्ष 2019-0 को भी इसमे जोड़ना गया है । इसके अनुसार यदि वर्ष 2019-20 का कोई दायित्व जीएसटी मे जीएसटीआर-1 एवंम् जीएसटीआर- 3बी मे घोषित नही किया गया है। उस धनराशि को आप अपने जीएसटीआर-9 मे घोषित किया जा सकता है। हांलाकि इनपुट टैक्स क्रेडिट को इस रिर्टन व्दारा क्लेम नही किया जा सकता है ।

3- क्रम सं0 6B मे प्रस्तुत की जाने वाली इनपुट टैक्स क्रेडिट के सम्बन्ध मे वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये कैपीटल गुड्स की इनपुट क्रेडिट को अलग से प्रस्तुत करना आवश्यक है, जबकि इनपुट एवं इनपुट सर्विस की इनपुट टैक्स क्रेडिट को एक साथ ही प्रस्तुत किया जा सकता है।

4- इसी प्रकार क्रम सं0 6C एवंम् 6D मे भी कैपीटल गुड्स के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अलग से दिखाना होगा, जबकि इनपुट एवंम् इनपुट सर्विस के इनपुट टैक्स क्रेडिट को एक साथ दिखाया जा सकता है ।

5- इसी प्रकार से क्रंम सं0 6E मे कैपीटल गुड्स के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अलग दिखाना होगा, जबकि इनपुट एवंम् इनपुट सर्विस मे इनपुट टैक्स क्रेडिट को एक साथ दिखाया जा सकता है ।


6- इसी प्रकार क्रम सं0 7 मे रिर्वस किये गये इनपुट टैक्स की जानकारी अलग-अलग परिस्थितियों मे टेबिल 7A से 7E तक दर्शा सकते है तथा चाहे तो इसकी जानकारी एक साथ टेबिल 7H मे दिखा सकते है। यह प्रावधान वर्ष 2017-2018 एवंम् 2018-19 तक लागू था, जिसे वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये भी लागू कर दिया गया है।

7- इसी प्रकार क्रम सं08 मे टेबिल 8A मे जो कुल इनवर्ड सप्लाई पर उपलब्ध क्रेडिट दिखाई जा सकती है। वह राशि 1 नवम्बर 2019 को जनरेटेड जीएसटीआर-2ए से ऑटो पापुलेटेड हो कर प्रस्तुत होगी।

8- इसी प्रकार टेबिल 8C मे वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट जिसे अगले वित्तीय वर्ष मे सीजीएसटी एक्ट, 2017 की धारा 16(4) के तहत प्राप्त किया गया है, उसे दिखाया जायेगा।

9- जीएसटी मे GSTR-9 के पार्ट-V मे पिछले वित्तीय वर्ष के लेनदेन जो जीएसटीआर-3बी मे अप्रैल 2020 से सितम्बर 2020 के दौरान घोषित किये गये है उन्हे दिखाना होगा। इसी प्रकार टेबिल सं0 10 एवंम् 11 मे अप्रैल 2020 से सितम्बर 2020 के दौरान घोषित लेनदेन जो जीएसटीआर-1 मे दिखाये गये है, उन्हे दिखाना होगा।

10- जीएसटी मे पार्ट- IV मे प्रस्तुत की जाने वाली समस्त जानकारी को वित्तीय वर्ष 2017-2018 एवंम् 2018-2019 के लिये प्रस्तुत करना अनिवार्य नही था। उसी आधार पर अब इस पार्ट की टेबिल मे प्रस्तुत की जाने वाली जानकारी को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये प्रस्तत करना भी अनिवार्य नही है। पार्ट- VI मे निम्न जानकारी प्रस्तुत करनी होती है-

टेबिल 15- डिमांड एवंम् रिफण्ड की जानकारी भरना होगा।

टेबिल 16- कम्पोजीशन डीलर्स से प्राप्त सप्लाई की जानकारी, धारा-143 के तहत डीम्ड सप्लाई की जानकारी तथा एप्रूवल पर भेजे माल की जानकारी भरनी होगी।

टेबिल 17- आउटवर्ड सप्लाई की HSN वाइज समरी भरना होगा।

टेबिल 18- इनवर्ड सप्लाई की HSN वाइज समरी भरना होगा।

टेबिल 19- चुकाई जाने वाली एवंम् चुकाई गयी लेट फीस भरना होगा।

वार्षिक रिर्टन किसे प्रस्तुत करना होगा-

जीएसटी मे वार्षिक रिर्टन GSTR-9 धारा 44(1) के तहत वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद वाले वर्ष के 31 दिसम्बर तक प्रस्तुत करना था । अधि. सू0 95/2020 सीटी दिनांक 30-12-2020 के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये वार्षिक रिर्टन प्रस्तुत करने की तिथि को बढ़ाकर 28 फरवरी 2021 कर दिया गया है ।

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