fbpx

आईपीसी की धारा 376D | सामूहिक बलात्संग | IPC Section- 376D in hindi| Gang rape.

IPC 376D

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376D के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय दंड संहिता की धारा 376D के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 376D का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में धारा 376D के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जहाँ समूह को गठित करने वाले या सामान्य आशय के अग्रसारण में कार्य करने वाले एक या उससे अधिक व्यक्तियों द्वारा स्त्री से बलात्संग किया जाएगा, वहाँ यह समझा जायेगा कि उन व्यक्तियों में से प्रत्येक ने बलात्संग का अपराध कारित किया है, तो वह प्रत्येक व्यक्ति धारा 376D के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 376D के अनुसार

सामूहिक बलात्संग-

जहाँ समूह को गठित करने वाले या सामान्य आशय के अग्रसारण में कार्य करने वाले एक या उससे अधिक व्यक्तियों द्वारा स्त्री से बलात्संग किया जाएगा, वहाँ यह समझा जायेगा कि उन व्यक्तियों में से प्रत्येक ने बलात्संग का अपराध कारित किया है और कठोर कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन तक की हो सकेगी, जिसका तात्पर्य उस व्यक्ति के नैसर्गिक जीवन के शेष के लिए कारावास से होगा, और जुर्माने से दण्डित किया जाएगा :
परन्तु ऐसा जुर्माना पीड़िता के चिकित्सीय खर्चों और पुनर्वास को पूरा करने के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा :
परन्तु यह और कि इस धारा के अधीन अधिरोपित किसी जुर्माने का भुगतान पीड़िता को किया जाएगा।

Gang rape-
Where a woman is raped by one or more persons constituting a group or acting in furtherance of a common intention, each of those persons shall be deemed to have committed the offence of rape and shall be punished with rigorous imprisonment for a term which shall not be less than twenty years, but which may extend to life which shall mean imprisonment for the remainder of that person’s natural life, and with fine :
Provided that such fine shall be just and reasonable to meet the medical expenses and rehabilitation of the victim :
Provided further that any fine imposed under this section shall be paid to the victim.

लागू अपराध

सामूहिक बलात्संग।
सजा- कठिन कारावास, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु, जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगा, जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष बचे नैसर्गिक जीवन से है और पीड़िता को भुगतान किया जाने वाला जुर्माना।
यह अपराध एक गैर-जमानतीय और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौते योग्य नहीं है।

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 376D के अंतर्गत जहाँ समूह को गठित करने वाले या सामान्य आशय के अग्रसारण में कार्य करने वाले एक या उससे अधिक व्यक्तियों द्वारा स्त्री से बलात्संग किया जाएगा, वहाँ यह समझा जायेगा कि उन व्यक्तियों में से प्रत्येक ने बलात्संग का अपराध कारित किया है, वह कठिन कारावास, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु, जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगा, जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष बचे नैसर्गिक जीवन से है और पीड़िता को भुगतान किया जाने वाला जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

जमानत (Bail) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 376D अंतर्गत जो अपराध कारित किए जाते है वह अपराध दंड प्रक्रिया संहिता में गैर-जमानतीय (Non-Baileble) अपराध की श्रेणी में आते है, इसलिए इस धारा के अंतर्गत किए गए अपराध में जमानत नही मिल सकेगी।

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
सामूहिक बलात्संग।कठिन कारावास, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु, जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगा, जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष बचे नैसर्गिक जीवन से है और पीड़िता को भुगतान किया जाने वाला जुर्माना।संज्ञेयगैर-जमानतीयसेशन न्यायालय द्वारा

हमारा प्रयास आईपीसी की धारा 376D की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

Leave a Comment