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सीआरपीसी की धारा 128 | भरण-पोषण के आदेश का प्रवर्तन | CrPC Section- 128 in hindi| Enforcement of order of maintenance.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 128 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 128 कब लागू होती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 128 का विवरण

दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में धारा 128 के अन्तर्गत यदि न्यायालय द्वारा भरण-पोषण या अन्तरिम भरण-पोषण और कार्यवाहियों के खर्चे के आदेश की प्रति, उस व्यक्ति को जिसके पक्ष मे दिया गया है या उसके संरक्षक को, यदि कोई हो, या उस व्यक्ति को भरण-पोषण या अन्तरिम भरण-पोषण के लिए भत्ता और कार्यवाहियों के खर्चे दिया जाना है, निःशुल्क दी जाएगी। यह धारा 128 के अंतर्गत यदि भत्ता और खर्चे देने से इन्कार करता है, तो उस न्यायालय के मजिस्ट्रेट को समाधान करने के लिये किया जाता है।

जब मजिस्ट्रेट किसी मामले मे भरण-पोषण या अन्तरिम भरण-पोषण और कार्यवाहियों के खर्चे के आदेश करने के पश्चात् भी खर्चा देने से इन्कार करता है, तो CrPC की धारा 128 न्यायालय के मजिस्ट्रेट को यह शक्ति होती है कि उस व्यक्ति जिसे भरण-पोषण देना होता है, उस व्यक्ति पर कार्यवाही कर सकता है अथवा आदेश के अनुरूप कोई बदलाव भी कर सकते है।

सीआरपीसी की धारा 128 के अनुसार

भरण-पोषण के आदेश का प्रवर्तन-

(भरण-पोषण या अन्तरिम भरण-पोषण और कार्यवाहियों के खर्चे, जैसी भी स्थिति हो) के आदेश की प्रति, उस व्यक्ति को, जिसके पक्ष में वह दिया गया है या उसके संरक्षक को, यदि कोई हो, या उस व्यक्ति को, (जिसे भरण-पोषण या अन्तरिम भरण-पोषण के लिए भत्ता और कार्यवाहियों के खर्चे, जैसी भी स्थिति हो) दिया जाना है, निःशुल्क दी जाएगी और ऐसे आदेश का प्रवर्तन किसी ऐसे स्थान में, जहां वह व्यक्ति है जिसके विरुद्ध वह आदेश दिया गया था, किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पक्षकारों की पहचान के बारे में और (भत्ते या देय खर्ची, जैसी भी स्थिति हो) के न दिए जाने के बारे में ऐसे मजिस्ट्रेट का समाधान हो जाने पर किया जा सकता है।

Enforcement of order of maintenance-
A copy of the order of (maintenance or interim maintenance and expenses of proceeding, as the case may be) shall be given without payment to the person in whose favour it is made, or to his guardian, if any, or to the person to (whom the allowance for the maintenance or the allowance for the interim maintenance and expenses of proceeding, as the case may be] is to be paid; and such order may be enforced by any Magistrate in any place where the person against whom it is made may be, on such Magistrate being satisfied as to the identity of the parties and the non-payment of the 5[allowance, or as the case may be, expenses, due.)

हमारा प्रयास सीआरपीसी की धारा 128 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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