आईपीसी की धारा 439 | चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड | IPC Section- 439 in hindi| Punishment for intentionally running vessel aground or ashore with intent to commit theft, etc.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 439 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय दंड संहिता की धारा 439 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 439 का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में धारा 439 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे जो कोई किसी जलयान को यह आशय रखते हुये कि वह उसमें अन्तर्विष्ट किसी सम्पत्ति की चोरी करे या बेईमानी से ऐसी किसी सम्पत्ति का दुर्विनियोग करे, या इस आशय से कि ऐसी चोरी या सम्पत्ति का दुर्विनियोग किया जाये, साशय भूमि पर चढ़ा देगा या किनारे से लगा देगा, तो वह धारा 439 के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 439 के अनुसार

चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड-

जो कोई किसी जलयान को यह आशय रखते हुये कि वह उसमें अन्तर्विष्ट किसी सम्पत्ति की चोरी करे या बेईमानी से ऐसी किसी सम्पत्ति का दुर्विनियोग करे, या इस आशय से कि ऐसी चोरी या सम्पत्ति का दुर्विनियोग किया जाये, साशय भूमि पर चढ़ा देगा या किनारे से लगा देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

Punishment for intentionally running vessel aground or ashore with intent to commit theft, etc-
Whoever intentionally runs any vessel aground or ashore, intending to commit theft of any property contained therein or to dishonestly misappropriate any such property, or with intent that such theft or misappropriation of property may be committed, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.

लागू अपराध

चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देना।
सजा- दस वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना।
यह अपराध एक गैर-जमानतीय और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 439 के अंतर्गत जो कोई किसी जलयान को यह आशय रखते हुये कि वह उसमें अन्तर्विष्ट किसी सम्पत्ति की चोरी करे या बेईमानी से ऐसी किसी सम्पत्ति का दुर्विनियोग करे, या इस आशय से कि ऐसी चोरी या सम्पत्ति का दुर्विनियोग किया जाये, साशय भूमि पर चढ़ा देगा या किनारे से लगा देगा, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

जमानत (Bail) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 439 अंतर्गत जो अपराध कारित किए जाते है वह अपराध दंड प्रक्रिया संहिता में गैर-जमानतीय (Non-Baileble) अपराध की श्रेणी में आते है, इसलिए इस धारा के अंतर्गत किए गए अपराध में जमानत मिल नही सकेगी।

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हमारा प्रयास आईपीसी की धारा 439 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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