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आईपीसी की धारा 499 व 500 मानहानि | IPC Section- 499 & 500 in hindi | Defamation | मानहानि क्या है ? पूर्ण जानकारी | What is defamation?

आज हम आपको अच्छी जानकारी आप तक लाए है अक्सर हम सभी ने अखबार, न्यूज में देखा होगा, किसी व्यक्ति ने किसी व्यक्ति पर मानहानि का मामला दर्ज कराया अथवा किसी नेता ने किसी दूसरे नेता या मंत्री के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया गया। आज हम अपने इस लेख में मानहानि कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

मानहानि की परिभाषा-

सामाजिक प्रतिष्ठा या मान सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का विशिष्ठ अधिकार है । हमारे संविधान में व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसकी संपत्ति से भी अधिक मूल्यवान होती हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपनी इस सामाजिक प्रतिष्ठा को किसी भी कीमत पर बनाये रखना चाहता है और कानून इस अधिकार को मान्यता प्रदान करता है तथा उसको पूर्ण संरक्षण प्रदान करता है। व्यक्ति की प्रतिष्ठा को किसी भी प्रकार का आघात या हानि पहुचाना मानहानि कहा जाता हैं।

हमारे संविधान में प्रत्येक नागरिकों को यह भी अधिकार दिया गया है कि अपनी, अपने परिवार की सुरक्षा और मान-सम्मान की रक्षा करे । अगर कोई आपके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है तो वह अपराध करता है, जो IPC धारा-499 के अंतर्गत लागू होगा । ऐसे अपराध के लिए भारतीय दण्ड संहिता की धारा 500 के अंतर्गत दंडित किया जाता है ।

धारा 499 का विवरण

जो कोई भी व्यक्ति को जानबूझकर उसकी मान-सम्मान सामाजिक प्रतिष्ठा को किसी भी तरह से छति पहुंचाता है तो वह IPC की धारा 499 के अंतर्गत अपराध होगा, जिसके लिए उसे धारा 500 के अंतर्गत 2 वर्ष का सादा कारावास या जुर्माने से अथवा दोनों से दंडित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 499 के अनुसार-

मानहानि


जो कोई बोले गए या पढ़े जाने के लिए आशयित शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्य रूपणों द्वारा किसी व्यक्ति के बारे में कोई लांछन इस आशय से लगाता या प्रकाशित करता है कि ऐसे लांछन से व्यक्ति की ख्याति कि अपहानि की जाए या यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए लगाता या प्रकाशित करता है कि ऐसे लांछन से ऐसे व्यक्ति की ख्याति कि अपहानि होगी, एतस्मिन् पश्चात अपवादित दशाओं के सिवाय उसके बारे में कहा जाता है कि वह उस व्यक्ति की मानहानि करता है ।

Defamation-

Whoever, by words, either spoken or intended to be read, or by signs or by visible representations, makes or publish any imputation concerning any person intending to harm, or knowing or having reason to believe that such imputation will harm, the reputation of such person, is said, except in the cases hereinafter excepted, to defame that person.

स्पष्टीकरण- किसी मृत व्यक्ति को कोई लांछन लगाना, मानहानि की कोटि में आ सकेगा यदि वह लांछन उस व्यक्ति की ख्याति की, यदि वह जीवित होता, अपहानि करता, और उसके परिवार या अन्य निकट सम्बन्धियों की भावनाओं को उपहत करने के लिए आशयित हो।

स्पष्टीकरण- कोई लांछन किसी व्यक्ति की ख्याति की अपहानि करने वाला नहीं कहा जाता जब तक कि वह लांछन दूसरों की दृष्टि में प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः उस व्यक्ति के सदाचारिक या बौद्धिक स्वरूप को हेय न करें या उस व्यक्ति की जाति के या उसकी अजीविका के संबंध में उसके सील को हेय न करें या एक उस व्यक्ति की साख को नीचे ना गिराए या यह विश्वास ना कराए कि उस व्यक्ति का शरीर   घृणोत्पादक दशा में है या ऐसी दशा में है जो साधारण रूप से निकृष्ट समझी जाती है।

मानहानि के प्रकार –

1. अपलेख(Libel):- अपलेख के अंतर्गत कोई व्यक्ति, किसी व्यक्ति को किसी स्थायी एवं दिखाई देने वाले रूप में प्रकाशन किया जाता हैं जैसे लिखा हुआ, छापा हुआ, चित्र, फोटो, सिनेमा, फिल्म, कार्टून या व्यंग्य चित्र, पुतला या किसी के दरवाजे पर कुछ लिखकर चिपकाना इत्यादि कार्य करके उपहत (ठेस) पहुंचाता है।यह कहा जाता हैं अपलेख आंखों को सम्बोधित किया जाता हैं। इस प्रकार यह मानहानिकारक विषय अपलेख होता हैं।

2. अपवचन(slander):- जो कोई व्यक्ति, किसी व्यक्ति के प्रति मानहानिकारक वचन के प्रयोग को अपवचन कहते है।सामान्य रूप से अपवचन मौखिक शब्दों, संकेतों अथवा अव्यक्त ध्वनियों द्वारा किया जाता हैं।एवं अपवचन कानों को संबोधित किया जाता हैं। इस प्रकार यह मानहानिकारक विषय अपवचन होता हैं।

भारतीय दण्ड संहिता में अपलेख एवं अपवचन दोंनो प्रकार मानहानि को दंडनीय अपराध माना है। ऐसे अपराध के लिए भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत मानहानि की धारा 500 के अंतर्गत दण्ड दिया जाता है।

मानहानि का दावा कब और कैसे दर्ज होता है-

मानहानि का दावा वह व्यक्ति जो किसी व्यक्ति के द्वारा अपनी ख्याति या सामाजिक प्रतिष्ठा को गवा चुका है अथवा गवा रहा है, जबकि वास्तव में वह निर्दोष है, केवल उस व्यक्ति को बदनाम करने के उद्देश्य से दूसरे व्यक्ति ने केवल लांछन या प्रतिष्ठा को गिराने के लिए किया है, तो पीड़ित व्यक्ति पुनः प्रतिष्ठा अर्जित करने के लिए मानहानि का दावा न्यायालय में कर सकता है, जो धारा 499 के अंतर्गत आता है।

मानहानि का दावा पीड़ित व्यक्ति पुनः प्रतिष्ठा अर्जित करने के उद्देश्य से, दावा न्यायालय में दायर करके अपने अधिकार को प्राप्त कर सकता हैं , साथ ही दोषी व्यक्ति को सजा अथवा अर्थदंड से भी दंडित कराया जा सकता है, अगर वास्तव में अपराधी है ।

लागू अपराध

जो कोई किसी अन्य व्यक्ति की मानहानि करेगा।
सजा – 2 वर्ष के का कारावास और जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं ।
यह एक जमानती, गैर संज्ञेय अपराध है और प्रथम वर्ग के न्यायाधीश द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध पीड़ित व्यक्ति के साथ समझौता करने योग्य है।

सजा (Punishment) का प्रावधान

जो कोई बोले गए या पढ़े जाने के लिए आशयित शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्य रूपणों द्वारा किसी व्यक्ति के बारे में कोई लांछन इस आशय से लगाता या प्रकाशित करता है कि ऐसे लांछन से व्यक्ति की ख्याति कि अपहानि की जाए या यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए लगाता या प्रकाशित करता है, तो वह मानहानि की आईपीसी धारा 500 के अंतर्गत 2 वर्ष का कारावास और जुर्माना या फिर दोनों भी हो सकते हैं ।

जमानत (Bail) का प्रावधान

इस धारा में किसी के मान सम्मान या प्रतिष्ठा को अपमान या ठेस पहुंचाता या पहुंचाने का प्रयास करता है तो वह दंडनीय होगा। यह एक गैर संज्ञेय अपराध है, और साथ ही इस अपराध की प्रकृति जमानती है।
यह अपराध पीड़ित व्यक्ति के साथ समझौता करने योग्य है।

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
जो कोई किसी अन्य व्यक्ति की मानहानि करेगा।2 वर्ष के का कारावास और जुर्माना या फिर दोनोंगैर-संज्ञेयजमानतीयप्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट

हमारा प्रयास धारा 499, 500 की पूर्ण जानकारी आप तक प्रदान करने का है, अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल हो,तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है ।
धन्यवाद

2 thoughts on “आईपीसी की धारा 499 व 500 मानहानि | IPC Section- 499 & 500 in hindi | Defamation | मानहानि क्या है ? पूर्ण जानकारी | What is defamation?”

  1. अगर पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज का मुकदमा कर दिया हों और पत्नी पक्ष द्वारा उस मुकदमा साबित नही कर पाते हैं तो क्या पति द्वारा पत्नी के खिलाफ मान हानि का मुकदमा किया जा सकता है ?

    Reply
    • हां किया जा सकता हैं, यदि ये साबित हो जाए, कि पत्नी द्वारा किया गया मुकदमा झूठ है।

      Reply

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