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आईपीसी की धारा 509A | नातेदार द्वारा यौन उत्पीड़न | IPC Section- 509A in in hindi| Sexual harassment by relative.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 509A के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय दंड संहिता की धारा 509A के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 509A का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में धारा 509A के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जो कोई, स्त्री से रक्त, दत्तक या विवाह के माध्यम से संबंधित होते हुए तथा उसका पति न होते हुए, शब्द, अंगविक्षेप अथवा कार्य द्वारा उसकी लज्जा का अनादर करने के आशय से अपनी निकटता का लाभ उठाता है, और ऐसी स्त्री को उत्प्रेरित करता है, विलुब्ध करता है या धमकी देता है, तो वह धारा 509A के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 509A के अनुसार

नातेदार द्वारा यौन उत्पीड़न-

जो कोई, स्त्री से रक्त, दत्तक या विवाह के माध्यम से संबंधित होते हुए तथा उसका पति न होते हुए, शब्द, अंगविक्षेप अथवा कार्य द्वारा उसकी लज्जा का अनादर करने के आशय से अपनी निकटता का लाभ उठाता है, और ऐसी स्त्री को उत्प्रेरित करता है, विलुब्ध करता है या धमकी देता है, वह कठोर कारावास से जो एक वर्ष से कम नहीं होगा किन्तु जो पांच वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

Sexual harassment by relative-
Whoever, being related to a woman through blood, adoption or marriage, and not being her husband, takes the advantage of his proximity and induces, seduces or threatens such woman with intent to insult her modesty by word, gesture or act shall be punished with rigorous imprisonment which shall not be less than one year but which may extend to five years and shall also be liable to fine.

लागू अपराध

नातेदार द्वारा यौन उत्पीडन।
सजा- कठोर कारावास, जो 1 वर्ष से कम नहीं होगा किंतु जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना।
यह अपराध एक गैर-जमानतीय और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 509A के अंतर्गत जो कोई, स्त्री से रक्त, दत्तक या विवाह के माध्यम से संबंधित होते हुए तथा उसका पति न होते हुए, शब्द, अंगविक्षेप अथवा कार्य द्वारा उसकी लज्जा का अनादर करने के आशय से अपनी निकटता का लाभ उठाता है, और ऐसी स्त्री को उत्प्रेरित करता है, विलुब्ध करता है या धमकी देता है, तो वह कठोर कारावास से जो एक वर्ष से कम नहीं होगा किन्तु जो पांच वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

जमानत (Bail) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 509A अंतर्गत जो अपराध कारित किए जाते है वह अपराध दंड प्रक्रिया संहिता में गैर-जमानतीय (Non-Baileble) अपराध की श्रेणी में आते है, इसलिए इस धारा के अंतर्गत किए गए अपराध में जमानत नहीं मिल सकेगी।

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
नातेदार द्वारा यौन उत्पीडन।कठोर कारावास, जो 1 वर्ष से कम नहीं होगा किंतु जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना।संज्ञेयगैर-जमानतीयप्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा

हमारा प्रयास आईपीसी की धारा 509A की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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