दण्ड प्रकिया संहिता के अन्तर्गत उच्च न्यायालय एवं सत्र न्यायालय व्दारा दण्डादेश (Punishment by High Court and Sessions Court under Criminal Procedure Code)

उच्च न्यायालय एवं संत्र न्यायालय व्दारा दण्डादेश-

उच्च न्यायालय, विधि व्दारा प्राधिकृत किसी भी प्रकार का दण्डादेश दे सकता है चाहे पूर्व मे सत्र न्यायालय व्दारा किसी व्यक्ति को कोई भी दण्ड दे चुका हो ।
सत्र न्यायालय या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऐसा कोई दण्डादेश दे सकेगा, जिसके लिये वह विधि व्दारा प्राधिकृत है । लेकिन उसके व्दारा जाने वाले मृत्युदण्ड की अवस्था मे उच्च न्यायालय व्दारा उसकी पुष्टि होना आवश्यक आवश्यक है ।
सहायक सेशन न्यायाधीश मृत्यु या अजीवन कारावास या दस वर्ष से अधिक की अवधि के लिये कारावास के दण्डादेश के सिवाय कोई ऐसा दण्डादेश दे सकता है जो विधि विधि व्दारा प्राधिकृत है ।

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